Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

इंतज़ार करते करते…

“कब होगा इंतज़ार ख़तम वो इसी ख्याल में रहते है,दीप जला कर दुवा जिनकी सलामती की वो मांगते है, इंतज़ार की घडी पूरी हो इसी राह में रहते हैकभी तो आयेगा बेटा उसका ये उम्मीद में वो रहते है, सरहद पे धरती माँ की रक्षा में वो रहता है,इसी मिटटी का है इसी मिटटी की […]

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