Dakshin Dairies WanderLust

Dakshin Diaries: A Rail Trip from Mumbai to Madurai

I absolutely love finding train ride unique as compared to airways. No doubt if you travel via air, you get all the luxury and comfort and you can view some scoop of Vanilla Icecream clouds and some beautiful miniature looking construction and scenery. But train rides have no comparison. They winds you through with great […]

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Dakshin Dairies WanderLust

Dakshin Diaries – (DD 2019) – A Blog Series to Southern Part of India!

When asked “Do you know the 5 states of Dakshin without googling?” Some said Chennai and some said Cochin. Some people answered Karnataka which is correct but what about the other 4? Kerala – not Cochin. Tamil Nadu – Not Chennai. Andra Pradesh and Telangana – Not Hyderabad, Mysuru or Visakhapatnam. You know the weirdest thing […]

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Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

नाराज

हर बात, हर लम्हा, याद रेहने की बिमारी सी हो गई है,क्या पता क्यू मुजे दोस्ती निभाने की आदत सी हो गई है,कभी जो मैं ख़ुद से ख़ुश रह लिया करतार थाअब अपनो से ही “ना’’ सुनने के आदत सी हो गई है, कभी जो लडो अपनो से ही, अपनो के लिये,ये भुलना नहीं के […]

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Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

मुलाकात

मिला आज उससे मैं कई सालों बाद,वही मासूमियत और उसकी वो बालो की खुशबु के साथ, आई थी वो उसकी मुस्कान में कुछ दर्द और बातें छिपा कर,कहने आई ऐसी बातें जो बयां न कर पायी दूर रह कर, दर्द देने के लिए नहीं पर इस बार दर्द बांटने आई थी,कहने आई थी कि कैसे […]

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Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

कुछ साथी सफर में छूट गए…

“ज़िन्दगी के दौड़ में कुछ यू दौडे हम सब कोई आगे तो कोई पीछे यू बिछड़ गए हम सब, दोस्ती की कसमें जो कभी खाए करते थे, जो मिलने के वादे भी किया करते थे, कुछ दूर क्या हुवे हम घर की जलतोजहत में, सब बदल गए थोड़े मसरूफ क्या हुवे हम सब, पैसे कमाने […]

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Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

ज़िन्दगी के खेल…

” कैसे समझाऊं ये दर्द जो सीने में कहीं छिपा रखा है,ये ज़िन्दगी के खेल में कितने किस्से और सपने दबा रखा है… हर रोज़ नयी सुबह खुधको कई झूठ बोल और हस कर निकाल लेती हूँ,माँ और बाबा को भी सब ठीक है कह कर उन्हें भी मना लेती हूँ… सपने ऊंचाई के और […]

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Unkaheen Baatein by Dipesh Hedamba

इंतज़ार करते करते…

“कब होगा इंतज़ार ख़तम वो इसी ख्याल में रहते है,दीप जला कर दुवा जिनकी सलामती की वो मांगते है, इंतज़ार की घडी पूरी हो इसी राह में रहते हैकभी तो आयेगा बेटा उसका ये उम्मीद में वो रहते है, सरहद पे धरती माँ की रक्षा में वो रहता है,इसी मिटटी का है इसी मिटटी की […]

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